रविवार, 31 दिसंबर 2023
नव वर्ष मंगलमय हो!
शुक्रवार, 22 दिसंबर 2023
बच्चों पर लेबललगाने से पहले सोचे
मंगलवार, 19 दिसंबर 2023
क्या आप भी...
यदि ऐसा है तो...
गुरुवार, 23 नवंबर 2023
सफलता के सूत्र
सोमवार, 13 नवंबर 2023
बातों बातों में बनती बात
शुक्रवार, 3 नवंबर 2023
नहीं कठिन आसान बहुत ही बच्चे को सिखाना
नहीं कठिन, है आसान बहुत ही
बच्चों को सिखाना
चाहो जो तुम उसमें
करके दिखाना
देखेंगे , सीखेंगे, करके दिखाएंगे
देख देख कर सीखे बच्चे वो तो
नकलची होते है
नाचो गाओ सामने उनके वो भी नाचते
गाते है
सही सही से बातें तो तुम
उनको सिखाना
चाहो जो तुम उसमें करके दिखाना
देखेंगे , सीखेंगे, करके दिखाएंगे
संस्कार सिखलाना है तो संस्कार
दिखलाओ
करके आदर से बातें , आदर ही उनसे
पाओ
मुस्कान भरी बातें जो चाहो
उन्हे
देख मुस्कराना
चाहो जो तुम उसमें करके दिखाना
देखेंगे , सीखेंगे, करके दिखाएंगे
घर मे करोगे झगड़े तो बच्चे भी
झगड़े सीखेंगे
होगी बड़ी परेशानी बाद में , जब
वो झगड़ते दिखेंगे
छोटी छोटी बातों को
झगड़े ना बनाना
चाहो जो तुम उसमें करके दिखाना
देखेंगे , सीखेंगे, करके दिखाएंगे
लिखेश्वर साहू
9669874209
अब हो जाओ तैयार...
मंगलवार, 31 अक्टूबर 2023
आ मेरे बेटू तुझे चलना सीखा दूं मैं
आ मेरे बेटू तूझे चलना सीखा दू मैं
जिन्दगी की राह में , मंजिलों की चाह में
आगे तुझे बढ़ना सीखा दूं मैं,
आ मेरे बेटू तूझे चलना सीखा दूं मैं
हाथ में किताब लेकर
मन में सुंदर ख़्वाब लेकर
सपनों की दुनिया को
हकीकत में बदलना सीखा दूं मैं
लाखों आंधी आएगी, राह से भटकाएगी
मन कभी विचलित न करना ,सदा ही तुम आगे बढ़ना..
तूफानों की राह से , आंधी की अफवाह से
आ मेरे बेटू तूझे उबरना सीखा दूं मैं
काम,लोभ बनके बाधा, कर्तव्य पथ पर आते हैं
क्रोध, मोह , बैर, ईर्ष्या ये सभी भी सताते हैं
क्रोध मोह के जाल से , शत्रुओं की चाल से
निकलना सीखा दूं मै
आ मेरे बेटू तुझे चलना सीखा दूं मैं,
कठिन डगर है,जाना मगर है
पार हो खुशियों का घर है
हंसके पार करना सिखा दूं मैं
आ मेरे बेटू तुझे चलना सीखा दूं मैं
राह में बढ़ते रहो
स्वदेश सेवा करते रहो
धर्म गुनते , कर्म करते
पथ प्रदर्शक बन तुम्हें चलना सीखा दूं मैं
आ मेरे बेटू तुझे चलना सीखा दूं मैं…
हम है माली जग है बगिया
खिली कलियां, फूल बढ़िया
तितली और भंवरो के जैसा
फूलों को चुनना सीखा दूं मैं
लिखेश्वर साहूसोमवार, 30 अक्टूबर 2023
बच्चे प्यारे प्यारे न्यारे न्यारे
रविवार, 29 अक्टूबर 2023
बनाओ न बहाने बहाने बनाने से क्या मिलेगा
दुनिया भर के पैतरे आजमाने
से क्या मिलेगा
बनाओ न बहाने, बहाने बनाने
से क्या मिलेगा
न करो काम कोई ऐसा जिससे तू शर्मिंदा हो
नाम करो ऐसा की युगों तक तेरा नाम जिंदा हो
करो समय का सदुपयोग समय को
व्यर्थ गँवाने से क्या मिलेगा
बनाओ न बहाने बहाने बनाने से
क्या मिलेगा
छोड़ो वो बातें जो तुमसे हो
सकता था
अभी तुम बताओ तुझसे क्या हो
सकता है
बीत गई जो बातें उन्हें
बताने से क्या मिलेगा
बनाओ न बहाने बहाने बनाने से
क्या मिलेगा
न कहो तुम मैं बेचारा हूँ
परिस्थितियों का मारा हूँ
नहीं कर सकते तुम कुछ भी क्या तुम नाकारा हो
बैठ घड़ियाली आँसू बहाने से क्या मिलेगा
बनाओ न बहाने बहाने बनाने से
क्या मिलेगा
जीतना है जो जंग इस जग में जगमगाते रहो टिमटिमाते रहो
ढँक जाए कुहरा घनेरा तो फिर
भी रोशनी तुम अपनी बिखराते रहो
न दबाओ आभाओं को अपने, आभाओं
को दबाने से क्या मिलेगा
न बनाओ बहाने ,बहाने बनाने
से क्या मिलेगा
दूर नहीं है मंजिल जितना तुम
समझते हो
चढ़ते रहो सीढ़ी पर निरंतर
क्यूँ चढ़ते और उतरते हो
घबराते हो बेवजह क्यूँ
घबराने से क्या मिलेगा
बनाओ न बहाने बहाने बनाने से
क्या मिलेगा
लिखेश्वर साहू
9669874209
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शनिवार, 28 अक्टूबर 2023
मानव तन अनमोल,बनाओ न कचरा
शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2023
सोचकर देखे
बुधवार, 25 अक्टूबर 2023
बच्चों का खेल में बड़ो का झगड़ा
सोमवार, 23 अक्टूबर 2023
जिंदगी एक सफर
शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2023
अच्छी आदतों से मिलेगी सफलता
गुरुवार, 19 अक्टूबर 2023
विचारों की शक्ति
मनके जोड़ने का प्रयास, माला बन मिली सफलता..
समाज की भूमिका एवं सदस्यों की जिम्मेदारी
बच्चों को समझे..
सोमवार, 16 अक्टूबर 2023
सकारात्मक रहे
प्रकृति से सीखो
रविवार, 15 अक्टूबर 2023
चिंतन
चिंतन
बुधवार, 22 मार्च 2023
शिक्षा का जोत जलाना है
अब ना तम रहने देंगे
अब ना जुल्म सहने सहने देंगे
हर बालक को दिव्य पुरूष, देवी बाला को बनाना है
लेकर किताब हाथों में शिक्षा का जोत जलाना है
जब पढ़ लेगा भारत का ,
हर बालक और बाला
ज्येष्ठ बनेंगे ,श्रेष्ठ बनेंगे,
होगा नव उजाला
अज्ञान को मिटाना है
लेकर किताब हाथों में शिक्षा का जोत जलाना है
मन में सबकी यह आशा,
युग परिवर्तक हो भारत माता
विश्व गुरू कहलाना है
लेकर किताब हाथों में शिक्षा का जोत जलाना है
नवरात्रि की यह बेला सी,
हर दिन हो नवरात यहाँ
आदर हो मातृ शक्ति का नीत ,
पूजे बालक बन भक्त यहाँ
यह भाव सबमें लाना है
लेकर किताब हाथों में शिक्षा का जोत जलाना है
जगमग दीपों सा “यश”,
भारत का जगमग रहे सदा
हरे जंवारो सा लहराये ,
धरती की उर्वर संपदा
संकल्प हमें दोहराना है
लेकर किताब हाथों में शिक्षा का जोत जलाना है
रह ना जाए पीछे एक भी
पीने शिक्षा का अमर प्याला
कोने कोने में फैला दो
शिक्षा नीर की यह धारा
नव विकास जो लाना है
लेकर किताब हाथों में शिक्षा का जोत जलाना है
लिखेश्वर साहू
ग्राम -सौंगा, पोष्ट-गिरौद
तह-मगरलोड़, 9669874209
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नन्हें हाथों से चित्रित नन्हा हाथ — और हाथ में पेड़: एक सीख, एक संदेश “Save Tree” आज मेरे बेटे ने एक चित्र की नकल की — मोबाइल पर...
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🌍🌦️ --- "मेरे बेटे ने बनाया चित्र, चित्र में समाया पृथ्वी और जल चक्र का संदेश" बच्चों की कल्पनाएं अक्सर हमें जीवन क...
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साथियों नमस्कार, नशा आज हमारे समाज और देश की गंभीर समस्या बन चुकी है, भारत का भविष्य कहे जाने वाले हमारे युवा वर्ग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित...

