मंगलवार, 31 अक्टूबर 2023

आ मेरे बेटू तुझे चलना सीखा दूं मैं

आ मेरे बेटू तूझे चलना सीखा दू मैं

जिन्दगी की राह में , मंजिलों की चाह में

आगे तुझे बढ़ना सीखा दूं मैं,

आ मेरे बेटू तूझे चलना सीखा दूं मैं


हाथ में किताब लेकर

मन में सुंदर ख़्वाब लेकर 

सपनों की दुनिया को

हकीकत में बदलना सीखा दूं मैं 

आ मेरे बेटू तुझे पढ़ना सीखा दूं मैं


लाखों आंधी आएगी, राह से भटकाएगी

मन कभी विचलित न करना ,सदा ही तुम आगे बढ़ना..

तूफानों की राह से , आंधी की अफवाह से

आ मेरे बेटू तूझे उबरना सीखा दूं मैं


काम,लोभ बनके बाधा, कर्तव्य पथ पर आते हैं

क्रोध, मोह , बैर, ईर्ष्या ये सभी भी सताते हैं

क्रोध मोह के जाल से , शत्रुओं की चाल से

निकलना सीखा दूं मै

आ मेरे बेटू तुझे चलना सीखा दूं मैं,


कठिन डगर है,जाना मगर है

पार हो खुशियों का घर है

हंसके पार करना सिखा दूं मैं 

आ मेरे बेटू तुझे चलना सीखा दूं मैं 


राह में बढ़ते रहो 

स्वदेश सेवा करते रहो 

धर्म गुनते , कर्म करते

पथ प्रदर्शक बन तुम्हें चलना सीखा दूं मैं

आ मेरे बेटू तुझे चलना सीखा दूं मैं…


हम है माली जग है बगिया

खिली कलियां, फूल बढ़िया 

तितली और भंवरो के जैसा 

फूलों को चुनना सीखा दूं मैं 

लिखेश्वर साहू
9669874209






कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें