रविवार, 15 अक्टूबर 2023

चिंतन

प्रणाम आप सभी को , 
आप सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना के साथ कहना चाहता हूं कि आप सभी के स्नेह आशीर्वाद और शुभकामनाओं से मैं भी ठीक हूं और इस वक्त हूं आप सभी के साथ ,जीवन चिंतन लेकर ,आपके साथ साझा करना चाहूंगा, आशा है सभी अपने जीवन का आनंद ले रहे है, खुशियों भरा जीवन जी रहे हैं , और क्यों ना जिए, जीवन जीने के लिए ही तो मिला है, जैसे चाहे जिए, मजे से जिए, हंसी खुशी जिए, सफलता को प्राप्त करते हुए जिए, हर दिन उत्साह से जिए, उन्नति करते रहे, खूब पैसा कमाएं, सहयोग करें, दान दे...
कुछ लोग तो ऐसे जीवन जीते है जैसे बिलकुल निराश हताश ,
कुछ पल की हताशा से हम पूरी जीवन की आशा क्यूं खोए, किसी परिस्थिति, किसी व्यक्ति की वजह से यदि आपको दुख तकलीफ है, तो उस दुःख को दूर करने का प्रयत्न करे, अक्सर लोग दुख दूर करने का प्रयास नहीं करके उस परिस्थिति को दोष देने लगते है, परिस्थिति को दोष देने से दुःख दूर नहीं हो सकता, इससे उस परिस्थिति के प्रति हमारे मन में खिन्नता और बढ़ती जायेगी और तकलीफ भी बढ़ता जायेगा,
सुख और दुःख दोनों भावनाएं है वस्तु नहीं, जिसे तोड़ा मरोड़ा जाएं ,फेंका जाए, ताला लगाकर छोड़ दिया जाए,
सुख और दुख मानसिकता की उपज है , सुख और दुख की अनुभूति हमें अपने मन से होती है, अपने मन को प्रशिक्षित करें, मन को समझाए,  विषम परिस्थिति में भी सम रहना सिखाएं बहुत खर्च और बहुत मेहनत की बात नहीं है, बस थोड़ा प्रयास करने से ये आसान होता जायेगा,


मन को समझने और समझाने का प्रयास जरूरी है....

आपने अपना अमूल्य समय लगाकर इस लेख को पढ़ा,
बहुत बहुत धन्यवाद 

लिखेश्वर साहू 





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