मैं कहता हूं बात करो
बातों बातों में बनती बात
बातों बातों में कटते दिन रात
बातों बातों में मिलता साथ
उलझे को सुलझाए
बड़े बड़े झंझट निपटाए
सबसे सहज से बात करो
मैं कहता हूं बात करो
बीती बातें जो बुरी हुई
समेट लो जो है बिखरी हुई
नहीं दोबारा बिखराना
बातों से कभी न घबराना
बातों से न दूर भागो तुम
बातों में मजा ,हो जाओ गुम
औरों से भी और खुद से भी
चलो सार्थक संवाद करो
मैं कहता हूं बात करो
सतयुग द्वापर त्रेता हो
कलयुग में जगत विजेता हो
चाहे अधिकारी ,नेता हो
फिल्मों का अभिनेता हो
करते बातें बनाते काम
बातों का वकील लेते है दाम
बाप हो चाहे बेटा ,मिल बैठ सब साथ करो
मैं कहता हूं बात करो
संत,मुनि,ज्ञानी, ध्यानी भी
बड़े बड़े विज्ञानी भी
उद्बोधक और प्रबोधक भी
मंचो का उद्घोषक भी
मीठी मीठी बातें करते है
बातों से काम चलाते
नाम और दाम कमाते है
चलो सही अभ्यास करो
मैं कहता हूं बात करो....
लिखेश्वर साहू
9669874209
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें