बुधवार, 22 मार्च 2023

शिक्षा का जोत जलाना है

अब ना तम रहने देंगे

अब ना जुल्म सहने सहने देंगे

हर बालक को दिव्य पुरूष, देवी बाला को बनाना है

लेकर किताब हाथों में शिक्षा का जोत जलाना है


जब पढ़ लेगा भारत का , 

हर बालक और बाला

 ज्येष्ठ बनेंगे ,श्रेष्ठ बनेंगे, 

होगा नव उजाला

अज्ञान को मिटाना है

लेकर किताब हाथों में शिक्षा का जोत जलाना है


मन में सबकी यह आशा, 

युग परिवर्तक हो भारत माता

विश्व गुरू कहलाना है

लेकर किताब हाथों में शिक्षा का जोत जलाना है


नवरात्रि की यह बेला सी, 

हर दिन हो नवरात यहाँ

आदर हो मातृ शक्ति का नीत , 

पूजे बालक बन भक्त यहाँ

यह भाव सबमें लाना है

लेकर किताब हाथों में शिक्षा का जोत जलाना है


जगमग दीपों सा “यश”, 

भारत का जगमग रहे सदा

हरे जंवारो सा लहराये , 


धरती की उर्वर संपदा

संकल्प हमें दोहराना है

लेकर किताब हाथों में शिक्षा का जोत जलाना है


रह ना जाए पीछे एक भी

पीने शिक्षा का अमर प्याला

कोने कोने में फैला दो

शिक्षा नीर की यह धारा

नव विकास जो लाना है 

लेकर किताब हाथों में शिक्षा का जोत जलाना है


लिखेश्वर साहू

ग्राम -सौंगा, पोष्ट-गिरौद

तह-मगरलोड़, 9669874209

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