शनिवार, 3 अगस्त 2024

आगे हरेली आगे रे....

सुनव संगी अउ सुजान,

लइका पिचका अउ सियान

मन मां उछाह छागे रे 

आगे हरेली आगे रे 


खेती के औजार आज गा धोवावत हे

महीना भर ले बौरा के आज पूजा पावत हे 

नांगर कोपर अउ दतारी गैंती रापा अउ कुदारी 

श्रम के देवता आरती उतारे हे

आगे रे हरेली आगे रे


फूल पान हुम दीप खरहोरी अउ चिला

मिलजूल  पूजय परसाद पावे माइ-पिला

गली खोर महकत हे लइका मन हा चहकत हे

मनभावन मगन लागे रे

आगे हरेली आगे रे


गांव के बइगा किंजरत हे गली पारा 

धर के मोहाटी मां खोंचत हे लिमडारा

हरियर पावन लागय, रोग राई हर भागय

खुशहाली ह हमाथे रे

आगे हरेली आगे रे 


डोकरा बबा नाती ला मनावत हे

बांस के लकड़ी मां गेड़ी ल खपावत हे

लइका मन घेरी बेरी रचमच रचमच गेंड़ी 

दउड़त मचत जावे रे 

आगे हरेली आगे रे।


बन के बनगोंदली अउ दशमूल के जरी

अहिरा ले बिसाथे, जे होथे रोगहारी

अण्डी रूखवा के पान, गंहू पिसान के लोंदी सान 

मवेशी ला खवाथे रे

आगे हरेली आगे रे


*लिखेश्वर साहू*

*ग्राम सौंगा*

*पोस्ट-गिरौद*

*मगरलोड , धमतरी*

*9669874209*