प्रणाम
नमस्ते
आप सभी का आज का दिन मंगलमय हो इस शुभकामना के साथ, आज की अच्छी बातें..
चलिए आज आदत बनाने की बात करते है अच्छी आदतें बनाना हमारी सफलता के लिए बहुत आवश्यक है, सफलता चाहे किसी भी क्षेत्र में हो,अध्ययन , करियर, या फिर जीवन की सफलता के लिए अच्छी आदतें सभी को बनानी ही चाहिए, अच्छी आदतों को बनाने से वे काम स्वाभाविक रूप से होने लगते है, अपने आप होने लगते है, जैसे आपने समय पर नहाने और समय पर खाने की आदत बनाई है तो उस कार्य को स्वाभाविक रूप से करते है उसमें आप टालमटोल नहीं करते, इसके अलावा यदि पढ़ने की बात करें तो आप कहेंगे नहीं, नहीं होगा मेरी आदत नहीं है, मैं नहीं कर पाऊंगा बोर हो जाऊंगा, यदि आप को कहा जाए की आधे घंटे आपको टीवी पर प्रवचन सुनना है तो आपको आदत नहीं हो तो आप शायद यह कह सकते है आधा घंटा प्रवचन और मैं ,नहीं ये मेरे से नहीं होगा,
तो जिन चीजों की आदत हमें नहीं है हम उसमें टालमटोल करते है हम उसको करना पसंद नहीं करते वे हमारे लिए बोझिल लगते है, पर कुछ अच्छी आदतें है जो हमारी सफलता के लिए बहुत जरूरी है और यदि वे आप नहीं कर पाते तो शायद आप सफलता से दूर रहते है, इसलिए हम सभी को अच्छी आदतें बनानी चाहिए,
अच्छी आदतें बनाने से हमारे कार्य स्वचालित हो जाते है उनके लिए हमें बहुत यत्न नहीं करना पड़ता है, और किसी कार्य के पूर्ण हो जाने पर हमें खुशी मिलती हम उस कार्य के लिए उत्साहित रहते है, और हम उस कार्य को करना पसंद करते है, पूरे ईच्छा, उत्साह और खुशी के साथ कोई कार्य किए जाए तो उसमें सफलता मिलने की उम्मीद निश्चित होती है,
अब बात आती है की आदत कैसे बनाएं हमें तो आदत बनाना नहीं आता, आदत बनता ही नहीं,कुछ लोग कहते है की मैं अच्छे काम करने की आदत बनाना चाहता हूं पर हो नहीं पाता , मुझे समझ नहीं आता की मैं कैसे करूं, जैसे मैं सुबह उठकर फ्रेश होकर पढ़ना चाहता हूं, पर ऐसा नहीं कर पाता हूं, देखिए ये कार्य भी उतना ही आसान है जितना दूसरे काम की आदत ,आपने नहाने की आदत कैसे बनाई, आपने खाने की आदत कैसे बनाई, क्या इसके लिये बहुत प्रयास करना पड़ा?नहीं, किसी बच्चे को पहली बार स्कूल जाते समय रोते देख सकते है, वे स्कूल जाना नहीं चाहते, पालक उन्हें जबरदस्ती स्कूल में छोड़ आता है, बच्चे का जब आदत बन जाता है तो वे स्वतः ही स्कूल जाना शुरू कर देते है, किसी कार्य की आदत तब बनती है जब उस कार्य को रोज रोज दोहराया जाए ,जब रोज रोज किसी कार्य को दोहराया जाता है तो हमारे मस्तिष्क में वो दर्ज हो जाते है और हमारे व्यवहार में शामिल हो जाते है, हमारे व्यवहार का हिस्सा बन जाते है ,
अक्सर आपने लोगों को यह कहते सुना होगा की आज मैं नहाया नहीं हूं तो मुझे चैन नहीं है, आज मैं काम पर नहीं गया तो अच्छा नहीं लग रहा,मेरा दिन नहीं बीत रहा है, व्यायाम करने की आदत है और किसी दिन व्यायाम ना करे तो सुस्ती लगता है किसी कार्य को करने का मन ही नहीं लगता और अन्य कार्यों में भी इसका प्रभाव दिखता है स्फूर्ति के साथ कार्य नहीं कर पाते, अधूरा अधूरा लगता रहता है.
इसीलिए सभी को अच्छी अच्छी आदतें बनानी ही चाहिए,
अच्छी चीजों के आदत के लिए महत्वपूर्ण बात है अच्छी आदतों का चयन जो आप अपने व्यवहार में लाना चाहते है, आप निर्णय ले की आप आदत बनाना चाहते है और दृढ़ संकल्पित हो जाए की मुझे यह आदत बनानी ही है और तब तक अपने को उसके लिए अनुशासित रखें जब तक उस कार्य की आदत आपको ना पड़ जाए यह कार्य शुरु में थोड़ा मुश्किल लगेगा पर धीरे धीरे आपको आसान लगते जाएगा और फिर कुछ समय बाद देखेंगे की आप अपने आप वो काम स्वाभाविक रूप से कर पा रहे है और आप खुश रहते है, उत्साहित रहते है, जब एक अच्छी आदतें बन जाए तो आप फिर दूसरी आदतें बनाना शुरू करें या फिर जितने अच्छी आदतें आपको बनानी है एक साथ शुरू करें...
अंत में इस शुभकामनाओं के साथ की आप अच्छी आदतों को अपना कर सफलता और प्रगति की ओर अग्रसर हो,
आपने अपने अमूल्य समय देकर इस लेख को पढ़कर अच्छी आदतों को बनाने का निर्णय लिया इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद
आप खुश है तो हम भी खुश है...
लिखेश्वर साहू
9669874209
अच्छी आदतें बनाना हमारे जीवन के लिये बहुत आवश्यक है, अच्छी आदतें व्यक्ति को सफल बनाती है।
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