यें भी नशे से अछूता नहीं है, महिलायें भी कई तरह की नशे में लिप्त , गाँव और शहरों में नशा माहिलाओं मे अलग अलग तरह से व्याप्त हैं , गाँव की महिलायें गुटखा , गुड़ाखू ,तंबाकू का सेवन करती है, जबकि शहरों मे इनके अलावा नशीली दवाई का भी प्रयोग होता हैं, हालांकि गाँव में नशीली दवाई का प्रयोग का चलन नहीं है,
साथियों नशे की लत से कई गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं, जो शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित करती हैं। यहाँ कुछ प्रमुख स्वास्थ्य समस्याएँ साझा की जा थी हिय जो नशे से होता हैं:
शारीरिक बीमारियाँ
फेफड़ों की बीमारी: सिगरेट और तंबाकू के सेवन से फेफड़ों का कैंसर और क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस हो सकता है।
हृदय रोग: शराब और तंबाकू का अत्यधिक सेवन दिल की बीमारियों, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
लीवर की समस्या: शराब के अधिक सेवन से लीवर सिरोसिस और फैटी लीवर जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं।
कैंसर: गुटखा, तंबाकू और शराब से मुंह, गले, फेफड़े और लीवर का कैंसर हो सकता है।
गर्भावस्था में जटिलताएँ: गर्भवती महिलाओं द्वारा नशे का सेवन करने से बच्चे के विकास पर बुरा असर पड़ सकता है।
मानसिक बीमारियाँ
डिप्रेशन और एंग्जायटी: नशे की लत मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद को बढ़ा सकती है।
मेमोरी लॉस: अत्यधिक शराब और ड्रग्स का सेवन याददाश्त कमजोर कर सकता है।
नींद की समस्या: नशे के कारण अनिद्रा और नींद से जुड़ी अन्य समस्याएँ हो सकती हैं।
मनोवैज्ञानिक विकार: कुछ ड्रग्स का सेवन स्किज़ोफ्रेनिया और अन्य मानसिक विकारों को जन्म दे सकता है।
नशा किसी भी चीज का हद से ज्यादा हो जाता है तो वो व्यक्ति पर काफी बुरा प्रभाव डालता है और कई बार गलत चीज का नशा व्यक्ति को तबाह भी कर देता है।
कारण क्या है नशे की लत का ?
तनाव के चलते कई बार व्यक्ति इससे निजात पाने के लिए खुद से किसी भी नशीली सामग्री य दवाई का प्रयोग कर लेते है। जो बाद में लत की पंक्ति में शामिल हो जाता है।
जेनेटिक्स एंड फैमिली हिस्ट्री।
पर्यावरणीय कारण।
मनोवैज्ञानिक कारण।
मानसिक विकार जैसे अवसाद।
स्कूल या किसी सामाजिक जगह में दोस्तों की कमी का होना।
दर्दनाक घटनाओं का होना।
नशे की लत का लगना क्या है ?
नशे की लत का लगना किसी बीमारी से कम नहीं है। यदि नशे की लत व्यक्ति को अपनी वश में फसा ले तो उसका दिमाग सही तरीके से कार्य करने में असमर्थ हो जाता है।
नशे की लत एक क्रॉनिक है, जो बार–बार लौटने वाली बीमारी है। इससे दिमाग में लंबे समय तक चलने वाले कैमिकल बदलाव होते हैं, जो नशे की लत को छूटने नहीं देते। लत को सामान्य भाषा में समझे तो दिमाग का एक समय के बाद नशे का आदी हो जाना।
नशे की लत का लक्षण क्या है ?
नशीली सामग्रियों का बार–बार उपयोग करने की तीव्र इच्छा महसूस करना।
जब आप नशा पर होते हैं तो आप जिंदा महसूस करते हैं। जब नशा बंद हो जाती है, तो आप अस्थिर, उदास और भ्रम महसूस करते हैं।
इसके अलावा आपको भूख नहीं लगती और सिरदर्द हो सकता है।
आप खुद को नशा लेने से नहीं रोक सकते।
आपके व्यक्तिगत स्वास्थ्य में गिरावट आती है। उदाहरण के लिए, आपका वजन बढ़ना या कम होना शुरू हो सकता है। आपकी आंखें लाल हो जाती हैं।
आप नशे की सामग्री खरीदने के लिए पैसे भी चुराने लगते हैं।
नशे की लत से बचाव के तरीके क्या है ?
खुद को शिक्षित रखें।
तनाव से निपटने के स्वस्थ तरीके सीखें।
परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध विकसित रखें।
अपने दोस्तों को ध्यान से चुनें।
एक स्वस्थ जीवन शैली विकसित करें, आदि।
नशे की लत का इलाज क्या है ?
खुद को नशे की लत से बाहर निकालने के लिए काउंसलिंग का चयन करे।
उपचार की दिशा में पहला कदम यह स्वीकार करना है कि आपको सबसे पहले नशीली दवाओं के दुरुपयोग की समस्या है।
नशे से निजात पाने का कोई इलाज नहीं है बल्कि इसका इलाज तभी संभव है जब आप खुद के मन में ठान ले की आपको इस लत से बाहर निकलना है।
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नशे की लत से व्यक्ति को कई आर्थिक नुकसान हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
1. आय में गिरावट
नशे की लत के कारण काम करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे व्यक्ति की आय प्रभावित होती है।
कई लोग नशे के कारण नौकरी खो देते हैं या व्यवसाय में नुकसान उठाते हैं।
2. अनावश्यक खर्च
शराब, सिगरेट, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों पर हर महीने हजारों रुपये खर्च हो सकते हैं।
नशे की लत बढ़ने पर व्यक्ति महंगे नशीले पदार्थों का सेवन करने लगता है, जिससे आर्थिक संकट गहरा जाता है।
3. स्वास्थ्य पर खर्च
नशे से होने वाली बीमारियों के इलाज पर भारी खर्च होता है, जैसे कि कैंसर, हृदय रोग, और मानसिक विकार।
अस्पताल के बिल, दवाइयाँ और डॉक्टर की फीस आर्थिक बोझ बढ़ा सकते हैं।
4. पारिवारिक और सामाजिक नुकसान
नशे की लत के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है।
कई मामलों में व्यक्ति कर्ज में डूब जाता है या संपत्ति बेचने के लिए मजबूर हो जाता है।
नशे की लत से प्रति व्यक्ति होने वाले आर्थिक नुकसान की गणना कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे कि व्यक्ति किस प्रकार का नशा करता है, उसकी आय, स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रभाव, और सामाजिक-आर्थिक स्थिति।
प्रति व्यक्ति संभावित अनुमानित आर्थिक नुकसान
नशे पर खर्च
यदि कोई व्यक्ति रोज़ाना ₹100 की शराब, सिगरेट, या गुटखा का सेवन करता है, तो सालभर में यह खर्च ₹36,500 तक पहुँच सकता है।
अधिक गंभीर लत वाले लोग इससे कहीं अधिक खर्च कर सकते हैं।
स्वास्थ्य पर खर्च
नशे से होने वाली बीमारियों (जैसे कैंसर, हृदय रोग, लीवर सिरोसिस) के इलाज पर ₹50,000 - ₹5,00,000 तक खर्च हो सकता है।
दीर्घकालिक इलाज और अस्पताल के खर्च से यह राशि और बढ़ सकती है।
आय में गिरावट
नशे की लत के कारण व्यक्ति की उत्पादकता कम हो जाती है, जिससे उसकी नौकरी या व्यवसाय पर असर पड़ता है।
कई मामलों में व्यक्ति बेरोजगार हो जाता है, जिससे उसकी वार्षिक आय में ₹1,00,000 - ₹5,00,000 तक की गिरावट आ सकती है।
संपत्ति और कर्ज
कुछ लोग नशे की लत के कारण अपनी संपत्ति बेचने या कर्ज लेने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
यह नुकसान ₹1,00,000 - ₹10,00,000 तक हो सकता है, खासकर अगर व्यक्ति गंभीर लत का शिकार हो।
कुल अनुमानित नुकसान
यदि हम इन सभी कारकों को जोड़ें, तो एक व्यक्ति को नशे की लत के कारण ₹2,00,000 - ₹15,00,000 तक का वार्षिक आर्थिक नुकसान हो सकता है।
यदि हम सामान्य तरीके से भी गणना करते है तो भी हम समझ जाएंगे की नशे के कितने आर्थिक नुकसान है, सबसे बात तो है , स्वास्थ्य खोना, अगर आपका स्वास्थ्य सही भी रहा तो भी आपको आर्थिक नुकसान तो झेलना ही पड़ेगा , हमें ऐसे नहीं पता चलता की हम कितना सारा पैसा फ़िजूल मे बहा जाते है,, तो चलिए सीधे गणना पर चलते है।
इस चार्ट से हम अनुमान लगाते है माँ लीजिए कोई व्यक्ति दिनभर में 20 गुटखा कहा जाता हैं प्रति गुटखा 5 रुपये का खर्च होता हैं तो इस दर से 20 गुटखे का कीमत 100 रूपिये ,100 रूपिये कोई व्यक्ति 1 दिन में खर्च करता है तो 1 महीने में 100 x 30 = 3000, 10 वर्ष में 36000 रुपये और 25 वर्ष तक 9 लाख रुपये और जीवित रह गया तो 50 वर्ष तक में लगभग 18 लाख रुपये का गुटखा मात्र चबा जाता हैं, रह गये न दंग, ये 18 लाख रुपये को आप चाहे तो बचा कर अपने और अपने परिवार वालों को खुशियां भी दे सकते उनके लिए , ढेर सारी सुविधाएं आप दे सकते हैं, आप चाहे तो अपना घर बना सकते है, अपने लिए , गाड़ी खरीद सकते है, अपने बच्चों को अच्छे और उच्च शिक्षा दिला सकते हैं।
ये आपको तय करना है की आप क्या चुनेंगे - अपने तन , मन,और धन का नुकसान या फिर होना चाहेंगे नाशमुक्त....
यह जानकारी आगर आपको अच्छी लगी तो अपने साथियों के साथ साझा करें......

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