गुरुवार, 23 नवंबर 2023

सफलता के सूत्र

सफलता के सूत्र

क्या आप सफल होना चाहते है
क्या अपने मंजिल को प्राप्त करना चाहते है
क्या आपको पता है की सफलता कैसे मिलती है
क्या आपको तलास है ऐसे राह की को आपको सफलता के शिखर पर पहुंचा दे तो हम बताएंगे आपको की आप सफल कैसे होंगे..
आजकल की दौड़ भाग भरी जिंदगी में ऐसा कौन होगा जो सफल होना नहीं चहते है, यदि मैं ऐसा कहूं की कोई भी नहीं होगा जो सफल होना नहीं चाहते, इस संसार में प्रत्येक व्यक्ति सफल होना चाहते है और चाहे भी क्यों नहीं सफलता से ही तो हमारी पहचान है, सफलता में ही जीवन की खुशियां है, जो अपने जीवन में सफल हुए है वही तो जीवन का असल मतलब जानते है और जो असफल हुए है वे निराश,हताश जीवन से हारे है, क्या आपके साथ भी कुछ ऐसी ही समस्या है, अधिकांश लोगों के जीवन में यह समस्या है लोग सफल होना चाहते है पर उन्हें नहीं पता की सफल कैसे हुआ जाता है कुछ समय पहले तक मुझे भी मुझे भी यह बिल्कुल एहसास नहीं होता था या इस बात से मैं अनभिज्ञ था कि सफल कैसे हुआ जाता है पर धीरे-धीरे मुझे इस बात का ज्ञान होते गया मैं इस बात से अवगत होते गया की सफलता कैसे पाई जाती है और तब से मैं इस सूत्रों को आत्मसात करते हुए इस राह पर चलना शुरू किया आप यकीन माने मैं सफलता पाई और अब मैं वही सफलता के रहस्य आप सभी को बताने जा रहा हूं मैं नहीं चाहता कि मैंने जो कठिनाइयों को झेला है जो डर-डर की ठोकी रे मैंने खाई है वह आप भी खाएं उसे डांस को आप भी जिले में यह नहीं चाहता और शायद इसीलिए मैं आपको यह सारी सूत्र आपके समक्ष आपके लिए प्रस्तुत कर रहा हूं तो बिल्कुल आप सभी ध्यान से ध्यानपूर्वक इस सफलता के सूत्र को पढ़े समझे जाने और आभूषण करें ताकि आप भी शीघ्र अति शीघ्र सफलता को प्राप्त हो सफलता से मन में खुशियां छा जाती है मन आनंदित हो जाता है अलादीन हो जाता है और हमारा जीवन खुशियों से भर जाता है हमारा आत्मविश्वास ऊपर हो जाता है सफलता की जींस सूत्रों की मैं बात कर रहा हूं उन सूत्रों को मैं यहां आपके लिए नीचे लिखकर बता रहा हूं हो सकता है कि उनके जो कम है ऊपर नीचे हो जाए पर जो वास्तविक क्रम मुझे लगा कि यह होना चाहिए तो मैंने उसको उसी क्रम में यहां पर रखा है यह आपकी मर्जी है कि आप उसे किस क्रम में अनुसरण करते हैं मैं यूं हो का क्यों इसे अनुसरण करने आपको नहीं कहूंगा हो सकता है कि आप इसका भिन्न तरह से उपयोग कर सकते हैं और सफलता को प्राप्त कर सकते हैं आई अब हम बात करें सफलता के सूत्रों की तो सफलता के हुए सूत्र हैए
1. लक्ष्य सफलता के सूत्रों में जो आगरा रूप से या प्रथम दृष्टि या जो महत्वपूर्ण बात है वह है लक्ष्य का निर्माण जब तक कि हम यह नहीं जानेंगे कि हमारा लक्ष्य क्या है हमें जाना कहां है हमें प्राप्त क्या करना है हम क्या पाना चाहते हैं तब तक हम किसी भी राह पर जाने के लिए तैयार नहीं होते हैं तो पहले और महत्वपूर्ण बात है लक्ष्य को तय करना जब हम एक बार अपना लक्ष्य तय कर कि हमें जाना कहां है तो हमारा आगे की जो कदम है वह आसान हो जाता है
2 समय प्रबंधन समय प्रबंधन दूसरा अति महत्वपूर्ण बात है जब हम तय कर सकते हैं कि हमें जाना कहां है हमारा लक्ष्य कहां है तो हम फिर अपने समय को व्यवस्थित करते हैं हमें निर्धारित समय में अपने लक्षण को प्राप्त करना है इसके लिए हमें कौन से कार्य कितने समय में करने हैं और किसी विशेष कार्य को करने के लिए हमें कितना समय देना है इस चीज के बारे में हमें पूरी जानकारी हो जानी चाहिए तय समय पर ते कार्य को करते हुए ही हम अपने लक्षण को प्राप्त कर सकते हैं
3 सीखना और नया सीखना तीसरी जो महत्वपूर्ण बात है सीखना और नया सीखना जो काम हम करना चाहते हैं जिस लक्ष्य को हम पाना चाहते हैं उसे लक्ष्य से संबंधित हमको जानकारी होनी चाहिए उसके बारे में हमें सीखना चाहिए कि किस कौशल से हम उसे लक्ष्य को आसानी से अर्जित कर सकते हैं पा सकते हैं और जब हम एक बार उसे चीज को सीख लेते हैं फिर उनसे जुड़ी कुछ नई बातें भी हमको सीखनी चाहिए होती है और यदि आवश्यक पड़े तो हमें अपने सीखे हुए में नए अद्यतन की जरूरत भी होती है तो सीखना और नया सीखना यह बहुत ही आवश्यक और महत्वपूर्ण बात है जो हमें याद रखनी चाहिए
4 बढ़ते रहना जब हम एक बार किसी चीज के बारे में सीख लेते हैं जान लेते हैं तो हमें फिर आगे कदम बढ़ाकर उसे राह पर बढ़ते रहना चाहिए और तब तक बढ़ते रहना चाहिए जब तक कि हम अपने लक्ष्य को प्राप्त न करें निरंतर बढ़ते रहना निरंतर अपने कदमों को आगे बढ़ते रहना मंजिल को प्राप्त करने की दिशा में या बहुत ही महत्वपूर्ण है या बात कभी नहीं भूलनी चाहिए की निरंतर पढ़ते रहने से हमें हमारे लक्ष्य प्राप्त करने सरलता होती है
5 निरंतर अभ्यास हमें किसी भी कार्य को निरंतर अभ्यास करते रहना चाहिए जब हम कोई भी कार्य की निरंतर अभ्यास करते हैं तो उसे कार्य में हमारी दक्षता बढ़ती जाती है हम उसे विशेष कार्य को कितनी आसानी से कर सकते हैं यह हमारे निरंतर अभ्यास पर निर्भर करता है किसी कार्य को करने के लिए हमारा अभ्यास यदि नहीं है तो हम उसे कार्य को ज्यादा आसानी से नहीं कर सकते अभ्यास से रिपुणता आती है किसी कार्य में दक्षता बढ़ती है हम इसलिए हमें निरंतर अभ्यास की आदत डालनी चाहिए जिस कार्य को हम दक्षता से करना चाहते हैं आसानी से करना चाहते हैं और बड़ी सफाई से करना चाहते हैं तो उसे कार्य के लिए हमें निरंतर अभ्यास करने की जरूरत होती है जिससे कोई चिकित्सक बनना चाहता है योग्य चिकित्सक बनना चाहता है तो उसे चिकित्सा की प्रैक्टिस रोजाना करनी चाहिए कोई हारमोनियम अच्छे बजाना चाहता है तो उसे हारमोनियम बजाने की जो अभ्यास है वह रेगुलर नहीं करनी होगी तभी तो वह बेहतर तरीके से संगीत का अभ्यास कर सकता है
      तो साथियों आप लोगों को समझ में आया होगा कि किस तरीके से आप सफलता की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं और कैसे आप अपने लक्षण को प्राप्त कर सकते हैं निश्चित ही यह बात आपको पूर्व से ही जानकारी रही हो पर मैं समझा कि यह जानकारी आप तक साझा की जाए तो शायद आपके लिए यह जो है पुनर स्मृति का काम हो सकता है और दोस्तों मुझे यह भी पूर्ण विश्वास है कि मेरे द्वारा साझा कीजिए जानकारी आपके जीवन में कुछ अहम भूमिका निभा सकती है इसलिए मैं आपको यह जानकारी साझा कर रहा हूं और मुझे यह भी आशा है और विश्वास है कि यदि यह जानकारी से आप संतुष्ट होते हैं या आपको कुछ विशेष लाभ होता है तो आप भी औरों के जीवन को बेहतर करने के लिए यह जानकारी सजा कर सकते हैं
धन्यवाद

सोमवार, 13 नवंबर 2023

बातों बातों में बनती बात


मैं कहता हूं बात करो 

बातों बातों में बनती बात
बातों बातों में कटते दिन रात
बातों बातों में मिलता साथ
उलझे को सुलझाए
बड़े बड़े झंझट निपटाए
सबसे सहज से बात करो
मैं कहता हूं बात करो 

बीती बातें जो बुरी हुई
समेट लो जो है बिखरी हुई
नहीं दोबारा बिखराना
बातों से कभी न घबराना
बातों से न दूर भागो तुम
बातों में मजा ,हो जाओ गुम 
औरों से भी और खुद से भी
चलो सार्थक संवाद करो
मैं कहता हूं बात करो 

सतयुग द्वापर त्रेता हो
कलयुग में जगत विजेता हो 
चाहे अधिकारी ,नेता हो
फिल्मों का अभिनेता हो
करते बातें बनाते काम
बातों का वकील लेते है दाम 
बाप हो चाहे बेटा ,मिल बैठ सब साथ करो 
मैं कहता हूं बात करो 

संत,मुनि,ज्ञानी, ध्यानी भी 
बड़े बड़े विज्ञानी भी 
उद्बोधक और प्रबोधक भी
मंचो का उद्घोषक भी
मीठी मीठी बातें करते है
बातों से काम चलाते
नाम और दाम कमाते है
चलो सही अभ्यास करो
 मैं कहता हूं बात करो....


लिखेश्वर साहू
9669874209









शुक्रवार, 3 नवंबर 2023

नहीं कठिन आसान बहुत ही बच्चे को सिखाना

 नहीं कठिन, है आसान बहुत ही

बच्चों को सिखाना  

चाहो जो तुम उसमें

करके दिखाना

देखेंगे , सीखेंगे, करके दिखाएंगे

 

देख देख कर सीखे बच्चे वो तो नकलची होते है

नाचो गाओ सामने उनके वो भी नाचते गाते है

सही सही से बातें तो तुम  

उनको सिखाना 

चाहो जो तुम उसमें करके दिखाना

देखेंगे , सीखेंगे, करके दिखाएंगे

 

संस्कार सिखलाना है तो संस्कार दिखलाओ

करके आदर से बातें , आदर ही उनसे पाओ

मुस्कान भरी बातें जो चाहो

उन्हे देख मुस्कराना                

चाहो जो तुम उसमें करके दिखाना

देखेंगे , सीखेंगे, करके दिखाएंगे

 

घर मे करोगे झगड़े तो बच्चे भी झगड़े सीखेंगे

होगी बड़ी परेशानी बाद में , जब वो झगड़ते दिखेंगे

छोटी छोटी बातों को

झगड़े ना बनाना

चाहो जो तुम उसमें करके दिखाना

देखेंगे , सीखेंगे, करके दिखाएंगे









लिखेश्वर साहू 

9669874209

 

 

 

 

 

 

अब हो जाओ तैयार...

बाज रही रण की भेदी
अब हो जाओ तैयार
उठा लो अब हथियार सत्य का,
करो असत संहार
कब तक सहते जाओगे 
यूं ही चुप रहते जाओगे

सत्य नहीं वो, तुम जो कहते
जरा स्वयं को झांको तो 
सही नहीं जो करते हो तुम 
अपने कर्मों को आँकों तो
टूट रहा विश्वास स्वयं से
कैसे बच पाओगे 

घोर घमंड में रहते हो
और व्यर्थ विवाद में पड़ते हो 
चिंता की चार दिवारी में फंस
मर मर के फिर तुम मरते हो
होती बुद्धि नाश 
अब कैसे चल पाओगे

डरते हो सबलो से तुम
निर्बल को आंख दिखाते हो
पिछुआ होकर चलते हो
स्वयं को आगे बताते हो
तुझे है अब धिक्कार 
कैसे तुम रह पाओगे 

साहस नहीं अब मेरा 
जो कुछ मैं कर पाऊंगा
जीवन की लंबी  राहों पर
अब मैं चल पाऊंगा
निकाल दो यह विचार कब तलक 
यही कहते जाओगे

ऐसी पारी खेलो कि
चहुंओर गूंजे जयकारे 
जय हो, विजय हो, जय हो, विजय हो 
लगते रहे सदा नारे 
बनकर कब पतवार 
नईया पार लगाओगे


खुद से खुद को अब लड़ना है 
औरों से नहीं लड़ाई है
सकार मन से, नकार मन की
सत और असत की लड़ाई है 
जोरों से ललकार स्वयं को,
स्वयं ही जीत के आओगे
देखे सारा संसार
ऐसा पहचान बनाओगे....

बाज रही रण की भेदी
अब हो जाओ तैयार
उठा लो अब हथियार सत्य का,
करो असत संहार
कब तक सहते जाओगे 
यूं ही चुप रहते जाओगे



लिखेश्वर साहू 
9669874209