सोचो तो जरा
विचारो तो जरा
मानव तन अनमोल प्यारे
बनाओ न कचरा
लोहे के मोटर यानों में ईंधन ठीक डलाई
महीने महीने में चेकअप कराते, करते रोज सफाई
तन गाड़ी में कूड़ा डाले , यह तो नहीं चतुराई
बाहर से साबुन पानी लगाया अंदर की नहीं धुलाई
विचारो तो जरा सोचो तो जरा
मानव तन अनमोल न बनाओ कचरा
सोचो तो जरा
विचारो तो जरा
मानव तन अनमोल प्यारे
बनाओ न कचरा
लोहे के मोटर यानों में ईंधन ठीक डलाई
महीने महीने में चेकअप कराते, करते रोज सफाई
तन गाड़ी में कूड़ा डाले , यह तो नहीं चतुराई
बाहर से साबुन पानी लगाया अंदर की नहीं धुलाई
विचारो तो जरा सोचो तो जरा
मानव तन अनमोल न बनाओ कचरा
मांसाहार न खाओ जी
गुटखा ना चबाओ जी
शराब हाथ ना लगाओ जी
धुआं ना उड़ाओ जी
गांजा बीड़ी से दूर रहो
व्यसन को दूर भगाओ जी
सोचो तो जरा
विचारो तो जरा
घर आंगन में गंदी चीज़े कभी नहीं बिखराते
कागज, पन्नी, धूल पड़ी हो झाड़ू खूब लगाते
मन मंदिर को सजग नहीं भाई क्यूं गंदा कर जाते
दुनिया भर के कचरे इसमें क्यूं तुम भरते जाते
निकालो कचरा रखो साफ सुथरा
सोचो तो जरा विचारो तो जरा
गंदी बाते सोचो ना
गंदी बाते बोलो ना
गंदी चीज़े देखो न
गंदी संग में जाना ना
समय समय पर सत्संग करके
मन की सफाई कर लेना
सोचो तो जरा
विचारो तो जरा
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लिखेश्वर साहू
9669874209
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