अक्सर लोग यह सोचते है की मेरी जिंदगी में दुःख ही दुख क्यों है मैं इस दुख के साथ कैसे जिऊं मैंने क्या गलती है जो मुझे दुःख ही दुःख मिलता रहता है सुख तो मुझे नसीब ही नही होता, वे दिन भर यही सोचते रहते है और बस सोचते रहते हैं और जिंदगी का आनंद नहीं ले पाते उन्हें लगता है ऐसी जिंदगी ही बेकार है आगे जाने पर भी दुःख पीछे जाने पर भी दुःख यह सोचता रहता है, भविष्य में भी दुख की आशंका और भूतकाल के दुःख से हताश निराश वह व्यक्ति करे तो करे क्या समझ ही नहीं पाता, सोचने और समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है, दिन भर चिंता में डूबा रहता है और थककर बैठ जाता है वही उसी जगह जहां पर वह बैठा है वह निर्णय करता है की वह वैसा ही रहेगा जिस हालत में है, वह उस जगह से आगे जाने की हिम्मत नहीं करता केवल जिंदगी में आने वाली अंजान तकलीफ और कष्टों को सोचकर दुखी होता है, पर क्या हमेशा यह सही हो सकता है की भविष्य केवल दुख और निराशा से भरा हो, हो सकता है की आगे सुख भरे जिंदगी भी मिले,वैसे भी जिस हाल में अभी हो वहां भी तो केवल दुखी ही हो, तो इससे अच्छा आगे बढ़े ,क्या पता आगे का जीवन पूरा
सुखमय हो
जरा सोचकर देखे जिंदगी एक खूबसूरत सफर की तरह है जो बेहतरीन और खूबसूरत तथा कष्टकारी और बदसूरत सड़कों से होकर गुजरती है, कभी रास्ते में बड़े गड्ढे तो छोटे छोटे गड्ढे मिलते है, आपको कभी तेज चलना होता है कभी बहुत धीमा तो कहीं रास्ते पैदल पार करना होता है ,कहीं पर आपको ठहर कर रास्ते खाली होने का इंतजार करना पड़ता है, तो कभी आपको चाय पानी नाश्ता के लिए रुकना भी पड़ता है ,पर फिर भी आप चलते है अंततः आपको कभी ऐसा टर्निंग पॉइंट भी मिलता है जहां पर आपको अपना रूट डायवर्ट करना पड़ता है चाहे आप खुद से रास्ते को भांप कर डायवर्ट करे या फिर सामने रखी साइन बोर्ड को देखकर, आपको केवल सफर आनंद लेते रहना है और राह में आने वाली हर एक परिस्थितियों को सहना है आनंद लेना है, आपका मंजिल वही है जहां आपको जाना है पर राह में कष्ट भी मिलेंगे और मजा भी आयेगा अपनी मंजिल आपको बदलना नहीं है, राह की सारी परिस्थितियों का आनंद लेते उस खूबसूरत सी जगह आप पहुंच जायेंगे जहां आप जाने का सपना संजोए थे , उस खूबसूरत सी जगह पर पहुंच आप केवल और केवल सुख का अनुभव करेंगे ,आपको भरपूर आनंद आएगा, सारी थकावट दूर हो जायेगी सारी तकलीफे उस क्षण मिलने वाली सुख की तुलना में नगण्य हो जायेगा, और फिर जब आप पीछे रास्ते को देखेंगे तो आपको पुनः कष्ट का अनुभव होने लगेगा, पर आप अब यह सोचे की जिंदगी के उस कीमती सुख की कीमत क्या है, उस सुख की कीमत है, रास्ते के पूरे गड्ढे, बाधाएं, रूकावटे, अनगिनत मोड़, यही सब सफर को यादगार बनाता है इस सफर की तरह ही जिंदगी के कष्टों का भी आनंद ले और अपनी मंजिल को पाने के लिए चल पड़े पूरे उत्साह के साथ कि जिंदगी में आने वाली हर दुःख, सुख को अनुभव में शामिल करते हुए अपने जीवन का आनंद लेना है और अपने जीवन के सफर को रोमांचक और यादगार बनाना है ताकि औरों को भी यह सीख मिले की अनगिनत कष्टों और परेशानियों को झेलकर भी जीवन जीने में कितना आनंद है...
लिखेश्वर साहू
9669874209
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