कितना अद्भुत है ना यह पूरी श्रृष्टि, कितने मनमोहक है ना यहां के नजारे, सुंदर और मनोरम यहां के नजारे हमें आह्लादित करते है, सोचकर देखे हमें बेहतर जीवन जीने के सारे संसाधन यहां मौजूद है, रहने को घर, खाने को फल, पीने का पानी, पहनने को वस्त्र, श्रृंगार के लिए आभूषण,हमारा जीवन कितना आसान और सुखमय हो गया है प्रकृति की कृपा से, देखने के लिए सुंदर दृश्य, सुनने को प्राकृतिक संगीत, सैर करने के लिए मोहक वादियां भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध है, सहयोगी और सुरक्षा के लिए हमारे परिवार और समाज, संगी साथी है, मार्गदर्शन के लिए हमारे वरिष्ठ जन और शिक्षक लोग है, पूरी की पूरी श्रृष्टि हमें बेहतरीन और सुखद अनुभव दे रही है ऐसे सुखद और सरस अनुकम्पा के लिए हम प्रकृति को, इस ब्रह्मांड को कुछ देना चाहे तो क्या दे सकते है ?है कुछ चीजें अपने पास जो बदले में दिया जा सके जो इन समस्त बहुमूल्य उपहारों के तुल्य हो , नहीं , पर कृतज्ञता का भाव तो रखा ही जा सकता है, हम कृतज्ञता व्यक्त तो कर ही सकते है जिसके लिए न तो रुपिया, पैसा, साधन संसाधन, ना विशेष जगह, ना विशेष समय की आवश्यकता है और ना ही विशेष, शब्दों की आवश्यकता है, हमें बस धन्यवाद देना है उन सब चीजों के लिए जो हमें हमारे जीवन में मिला है, तो आइए धन्यवाद करें.....
धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद
सुखद जीवन के लिए धन्यवाद
सुंदर नजरो और नजारों के लिए धन्यवाद
मधुर वाणी के लिए धन्यवाद जिनसे हम खुद को व्यक्त करते हैं
सुनने के लिए मिले कानों के लिए धन्यवाद जिनसे हम सुंदर नाद सुन पाते है
सहृदयता के लिए धन्यवाद जिनसे हम किसी के प्रति सहृदय हो जाते हैं
मस्तिष्क व स्मरण शक्ति के लिए धन्यवाद जिनसे हम कुछ याद कर पाते हैं और भूल जाते हैं
पैरो के लिए धन्यवाद जो हमें इस धरा पर साधे हुए हैं
हमारे उन हाथों के लिए धन्यवाद जो हमें किसी कार्य को पूरा करता है
जिव्हा के लिए धन्यवाद बेहतर स्वाद का आनंद देता है
नासिका के लिए धन्यवाद जो हमे सुंदर और सुगंध की अनुभूति देता है
त्वचा के लिए धन्यवाद जो हमें सुरक्षा करता है, हमें स्पर्श का अहसास कराता है..
प्रेम और स्नेह के लिए धन्यवाद जिनसे हम एक दूसरे से जुड़ पाते हैं
विश्वास के लिए धन्यवाद जिनसे हम एक दूसरे के साथ मिलकर कोई काम पूरा कर पाते हैं
ऊर्जा के लिए धन्यवाद जो हमारे शरीर को और मन को चलाता है
प्राणवायु के लिए धन्यवाद जिनसे हमारा जीवन हैं..
उन समस्त संसाधनों, समस्त जीवों, प्राणियों, समस्त मानवों, समस्त घटकों , समस्त ग्रहों, नक्षत्रों, स्वयं के अंतरभावो व समस्त कारकों का धन्यवाद जिनसे यह जीवन सुचारू रूप से चलता है, और आशा है आगे भी चलता रहेगा....
एक बार पुनः
धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद
मैं कृतज्ञ हूं, मैं आभारी हूं, मैं ऋणी हूं,
मेरा यह कृतज्ञता और आभार स्वीकार हो....
लिखेश्वर साहू
9669874209
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