आवव संगी सब मिल जुल के
एसो नवा साल मनाव
नवा उमंग अउ नवा तरंग ,
नवा किरण ले जिनगी उजराव
आवव संगी सब मिल जुल के
एसो नवा साल मनाव
नवा साल म नवा सुरुज हर
नवा अंजोर बगरावय
सबके जिनगी सुख म बीतय
कोनो दुःख झन पावय
एक दुसर के सुख अउ दुःख के
आव मिल पूरक बन जाव
आव संगी मिल जुलके
एसो नवा साल मनाव
नवा साल नवकिशोर मन बर
मोर हवय अतके सन्देश
सन्त सुजान ज्ञानी ध्यानी के
सुनव कहना मानव उपदेश
सतमारग के रद्दा धरके
सत्यवान सब झन कहलाव
आवव संगी मिल जुल के
एसो नवा साल मनाव
उठो उठो हे! माटी के लाल
उठो नवा सुरुज ला देख
अपन, गांव, समाज, देस बर
करम-धरम के खिंचले रेख
एहि रेख ल रद्दा धरके
बढ़य आगू हमर देस
सुर, तुलसी, अउ कबीर के
युग युग बर अमर हे नाव
पढ़य, गुनय मनखे जम्मो
जग मा अइसन ध्वजा फहराव..
आवव संगी सब मिल जुल के
एसो नवा साल मनाव
माँस मदिरा, गांजा, दारू
ये फ़ैशन हर आय बाजारू
नवयुग नवनिर्माण करे बर
नवा विचार नव जोती जलाव
आवव संगी सब मिल जुल के
ऐसो नवा साल मनाव
रीति पुराना पीके नावा साल मनाथो
नशा करके कोजनि कतका सुख ल पाथो
आवव एसो नवा साल म
मिलजुल नवा वचन बंधाव
गाँजा, गुटखा ,मांस, मदिरा
जम्मो दुर्व्यसन ल दुरिहाव
आवव संगी सब मिल जुल के
ऐसो नवा साल मनाव
झन गुलाम बन बइठे रहव
युवा हमर छत्तीसगढ़ के
पागा बांध अउ कनिहा जोरके
देखलावव सिखर चढ़के
जांगर थको के अजगर झन होवव
बन चंदन सुगंध बगराव
आवव संगी सब मिल जुलके
एसो नवा साल मनाव
लिखेश्वर साहू
ग्राम-सौंगा, पोस्ट-गिरौद
तह-मगरलोड, जिला-धमतरी
मो.नम्बर..9669874209
पिन कोड 493662
बहुत बढ़िया....
जवाब देंहटाएंdhanyvad ji
हटाएंBahut hi sunder
जवाब देंहटाएंdhanyvad ji
जवाब देंहटाएंगजब गुरूजी
जवाब देंहटाएंधन्यवाद हीरा
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