जागव जी जागव
दारू,गुटखा के पाछू झन भागव
तुमन सोंचथव रमंज के गुटखा दाढ़ा में दाबत हो
फेर मंय कहिंथव गुटखा नहीं तुमन अपन भविश्य ल चाबत हो
एक ठन सौघे मुठिया तो मुंहु में नई हमाथे
फेर कोन %जागव जी जागव
दारू गुटखा के पाछू झन भागव
मंदहा मनके गोठ गजब लहराथे
थोड़किन पीके बड़े बड़े गोठियाथे
बोलना हे त सादा में बोलना
काके टेंसन हे चल भेद खोलना
टेंसन हे कहिके बहाना बनाथो
मेहनत के पइसा दारू में बोहाथो
दारू में बुड़े ले नेक बिचार हर सिराथे
मनखे के बनेे बेवहार हर गंवाथे
मन ल अपन नेक रस्ता मां लावव
जागव जी जागव
दारू गुटखा के पाछू झन भागव
लिखेश्वर साहू
ग्राम-सौंगा, पोस्ट-गिरौद
तह-मगरलोड़, जिला-धमतरी
मो.नं. 9669874209

वाह क्या बात है
जवाब देंहटाएंसुंदर
जवाब देंहटाएंthanks
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