बुधवार, 6 मई 2020

छत्तीसगढ़ी कविता


कतको झिन ला देखेंव मैंहर अतेक़ समझदार हे
बिगन मास्क के कोरोना से लड़े बर तैयार हे
ऐती ओती मत जाव, घेरी बेरी सरकार चेतावथे ,
फेर हुशियार मन एक नई सुने़, जेती नी जाना हे उहितीच जावथे
कतको बरजिस़, कतको हरजिस ,चाैंक में नी सकलाना हे
हम सब ला मिल के कोरोना ला भगाना हे
जनता समझदार हे सब समझगे
सरकार के बात कागज मं अरहजगे
चाैंक चाैराहा में जम्मो सकलावथे
जम्मोझन मिलजुल के कोरोना ला भगावथे
लाॅकडाउन हा मजा होगे ,आलसी अउ अलाल बर,
सजा होगे एहा करमइता रामलाल बर
जेब होगे खाली ,घर में बाई हा खिसियावथे
घर में खुसरे खुसरे चांउर दार हा सिरावथे
लाॅकडाउन में सरकार के नियम कइसा कइसा
फोकट में चांउर ,नून, फोकट में पइसा
थोरको होगे कमी ,नियम कानून ला बतावथे
अपन जिम्मेदारी समझत नइहे
दूसर ला सिखावथे
लाॅकडाउन में सब बेरोजगार हे
बिना पइसा के सब हाहाकार हे
सरकार ला होगे बड़े जिम्मेदारी
एक डहर कोरोना, ता दूसरा बेरोजगारी
बेरोजगारी दूर करे बर ,मनरेगा खोलवाइस
खुलगे गोदी जम्मो एके जगह जुरियाइस
कम नई होहे अभी कोरोना के खतरा
पहिनव मास्क, एके जगा मतरा
कहां मानत हे कोनो कखरो बात ला
कोन हा धोवत हे साबुन में अपन हाथ ला
सुन जी समारू़, तहू सुन जी फिरता
सबके सुवास्थ अउ रोजगार के सरकार ल हे चिंता
फिकर हेाही तुंहला, कहूं अपन परिवार के स्वास्थ्य के
पहिरव मास्क़,एक-दूसर ले दूरी रखव पांच हाथ के
तभे तो भगाबो हमन कोरोना महामारी
गांव, समाज, देश सुरक्षित रहय संगवारी                 







                                                                                      लिखेश्वर साहू 
                                                                                 ग्राम-सौंगा,पोष्ट-गिरौद,
                                                                          तह-मगरलोड, जिला-धमतरी (छ.ग.) 
                                                                                         9669874209

11 टिप्‍पणियां:

  1. सुग्घर बोलत तस संगवारी

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  2. कोरोना ल हराबो संगवारी, गजब लिखे हस ✍️

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  3. लाजवाब भाई लिखेश्वर मजा आ जथे तोर कविता।





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