माटी बंदन
जम्मो पाठक संगवारी मन ला जय जोहार , संगवारी हो "मेरी कलम" से 'लेखन अभ्यास' के ए कड़ी म आवव सुघ्घर माटी महतारी के बंदन करन..जेन माटी मां हमन जनम धरेन,खेलेन, कूदेन, करम-धरम करेन ,जेन अपन कोरा मां अन-धन उपजाके जम्मो पराणी के पालन पोषण करथे वो महतारी के वंदना......
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| जय छत्तीसगढ़ महतारी |
महानदी के लहरा सुघ्घर तोरेच चरण पखारय।
हरियर खेत मां धान के सुनहा बाली माथ नवावय
फूल फूलवारी घन अमरैया तोर हवय चिन्हारी ओ
सुख दुख के चिन्हारी मोर छत्ताीसग गढ़ महतारी
चिउॅं-चिउॅं 2, चिरई चुरगुन अमरइया मा चहकय
दसमद मोंगरा गोंदा चंदैनी फूल फूलवारी महकय
बनकोयली हा कुहके मइया तोर करत हे चारी ओ
सुख दुख के चिन्हारी मोर छत्तीसगढ़ महतारी ओ
सुरूज नरायण सुत उठके तोरेच करथे पूजा
तोरले बढ़के धरती दाई नइये कोनो दूजा
करय सिंगार तोर छइयां भुइयां इहां के बखरी बारी ओ
सुख दुख के चिन्हारी मोर छत्तीसगढ़ महतारी ओ
बने पूजारी जम्मो किसनहा तोरेच सेवा बजावेै ,
जांगर टूटत ले मेहनत करके खेत मा अन उपजावै
मान बढ़ावै तोरेच मइया सुख दुख के तै चिन्हारी ओ
सुख दुख केे हिस चन्हारी मोर छत्तीसगढ़ महतारी
छत्तीसगढ़ महतारी की जय ......
रचनाकार
लिखेश्वर साहू
ग्राम-सौंगा,पोष्ट-गिरौद,
तह-मगरलोड, जिला-धमतरी (छ.ग.) 9669874209

Very nice bhai likhu
जवाब देंहटाएंधन्यवाद भाई..
हटाएंAse hi aage likhate raho. .. Deepak
जवाब देंहटाएंदीपक भाई धन्यवाद ,आप ऐसे ही सहयोग करते रहे मैं बिल्कुल लिखता रहूंगा...
हटाएंBadhiya yar ... Keep doing bro
जवाब देंहटाएंमया दुलार बर अड़बड़ धन्यवाद☺️
जवाब देंहटाएंBahut hi sunder like ho...
जवाब देंहटाएंBahar Bahut bhdhaii
dhanywad ji. APAN NAM GHALO LIKHNA
हटाएंबहुत ही सुघ्घर रचना हावे
जवाब देंहटाएंवाह वाह दोस्त
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत धन्यवाद
हटाएंBahut sundar guruji
जवाब देंहटाएंDhanbad ji.
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