बुधवार, 27 जनवरी 2021

रंग बिरंगी खेल है इस जमाने में


 रंग बिरंगी खेल है इस जमाने में

समय लगता है साहब इसे! समझने समझाने में

रूलाकर दूसरों को खुद हंसता है

बेबस, लाचार, दीनों पर क्यों वह तंज कसता है?

क्या मजा आता है ? साहब! उसे सताने में

रंग बिरंगी खेल है इस जमाने में....


मुझे तो यह खेल पसंद न आया

पता नहीं मेरा मन क्यों न भाया ?

सीखने की उम्मीद तो न थी ?

पर लोगों ने यह निशुल्क सिखाया

कोई कसर न छोड़ी लोगों ने मुझे सिखाने में

रंग बिरंगी खेल है इस जमाने में....


पर यकीन है मुझे मैं यह खेल न खेल पाउंगा

खेल खेलने से पहले तैयारी में ही फेल हो जाउंगा

खिलाड़ी नहीं ना ही कोच बन पाउंगा

ऐसे खेल मैं किसी को न सिखाउंगा

दिल दुखता है साहब किसी को रूलाने में

रंग बिरंगी खेल है साहब इस जमाने में...


लिखेश्वर साहू

ग्राम-सौंगा,पोस्ट-गिरौद

तह-मगरलोड़,धमतरी

9669874209


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